सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यद्यपि मेरे अपने लिखे का स्तर कहीं भी प्रकाशन योग्य नहीं है, फिर भी यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

30 January 2011

बापू! फिर से आ जाओ

कहते हैं लोग कि 
महान लोग अवतार लेते हैं 
और तार देते हैं 
बुझी हुई आशाओं को
एक नया दीप दिखा देते हैं 
पर मैं तलाश में हूँ 
आज एक अवतार की
जो यहीं कहीं हो शायद 
हमारे बीच कहीं 
हाँ बापू !मैं आपके अवतार 
को ढूढना चाहता हूँ 
बात करना चाहता हूँ 
और कहना चाहता हूँ 
कि इस अँधेरे में 
दहशत में 
आप फिर से वही 
निश्छल 
मुस्कराहट बिखेर दो 
धरती पर 
फिर से एक नयी 
क्रान्ति बन कर 
अहिंसा औ सत्य का 
स्वर नाद जगा जाओ 
बापू!
फिर से आ जाओ

18 comments:

  1. बापू!
    फिर से आ जाओ ...बहुत सुन्दर रचना है ....

    महान आत्मा को हमारा नमन !

    -------
    बस एक और हो जाये ....

    ReplyDelete
  2. सच अब तो लगता है बापू को मुस्कराहट बिखेरने आना ही पडेगा ।
    अच्छी पुकार ।

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर...गांधी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि..

    ReplyDelete
  4. बहुत सार्थक श्रद्धांजली गांधी जी को..

    ReplyDelete
  5. राष्ट्रपिता की पुण्य तिथि पर बापू को हमारा नमन!

    मेरी नई पोस्ट "बापू को श्रद्‌धाञ्ञलि"पर आपका स्वागत है!

    ReplyDelete
  6. हमारी तरफ से गांधी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि..बहुत सुन्दर रचना !

    ReplyDelete
  7. हे राम !

    बापू! फिर से आ जाओ रचना के माध्यम से आपने शुभ चिंतन व्यक्त किया है

    काश ! गांधीजी तक आपका आह्वान पहुंच पाता …

    यशवन्त माथुर जी
    अच्छी रचना के लिए आपको
    हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    ReplyDelete
  8. बहुत ख़ूबसूरती से मन के भावों को उकेरा है |बधाई
    आशा

    ReplyDelete
  9. बहुत सुंदर ..... बापू को नमन

    ReplyDelete
  10. फिर से एक नयी
    क्रान्ति बन कर
    अहिंसा औ सत्य का
    स्वर नाद जगा जाओ
    बापू!
    फिर से आ जाओ

    बहुत ही सुंदर भाव, साथ ही सार्थक और कल्याणकारी पुकार
    शत-शत नमन

    ReplyDelete
  11. बहुत सुन्दर भावना है आपके मन में ... इस कीचड़ रुपी समाज में फिर कोई कमल खिलना चाहिए ...

    ReplyDelete
  12. कि इस अँधेरे में
    दहशत में
    आप फिर से वही
    निश्छल
    मुस्कराहट बिखेर दो
    धरती पर
    फिर से एक नयी
    क्रान्ति बन कर
    अहिंसा औ सत्य का
    स्वर नाद जगा जाओ
    बापू!
    फिर से आ जाओ

    सही कहा आपने आज हमें एक और बापू की जरुरत है !
    आभार !

    ReplyDelete
  13. बापू जी पर बहुत खूबसूरत रचना...बधाई.

    ReplyDelete
  14. बहुत सुन्दर रचना.

    ReplyDelete
  15. आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद.

    ReplyDelete

कृपया किसी प्रकार का विज्ञापन कमेन्ट मे न दें।
कमेन्ट मोडरेशन सक्षम है। अतः आपकी टिप्पणी यहाँ दिखने मे थोड़ा समय लग सकता है।

Please do not advertise in comment box.
Comment Moderation is active.so it may take some time in appearing your comment here.

+Get Now!