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05 April 2013

क्षणिका

जिद्दी मन
कभी कभी
खुद की भी नहीं सुनता
और वही करता है 
जो उसे
खुद को
अच्छा लगता है।

~यशवन्त माथुर©

12 comments:

  1. सही है
    सुनो सबकी
    करो मन की
    शुभकामनायें !!

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  2. खुद को अच्छा लगता है वही करता है इसका अर्थ तो यही हुआ कि खुद को ही सुनता है..?

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  3. सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति . हार्दिक आभार हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

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  4. मन की बात सुनना भी जरुरी है, वह जो भी करता है मन से करता है...शुभकामनायें ...

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  5. मन कि जिद से कौन जीत पाया है भला ...

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  6. सही कहा आपने प्रणाम स्वीकारें इस शानदार प्रस्तुति के लिए ...

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  7. उसकी बात सुननी तो पड़ेगी,पर बच्चों जैसा होता है मन बहलाना भी आसान है .

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  8. मन ही जो ठहरा

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  9. bilkul sahi kaha

    jiddi man kahan sunta hai...


    shubhkamnayen

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  10. sach hai ziddi man nhi sunta...

    achha likha hai

    shubhkamnayen

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